mahatma gandhi ka janm kab hua tha महात्मा गाँधी का जन्म कब हुआ था 2021

नमस्कार मेरे प्यारे दोस्तों स्वागत आपका आज के इस मजेदार जानकारी पूर्ण लेख में जिसमे हम लोग मिलकर mahatma gandhi ka janm kab hua tha इस विषय पर Detail में चर्चा करने वाले हैं, दोस्तों यूँ तो महत्मा गाँधी के बारे में सभी जानते हैं।

लेकिन जब बात आती है mahatma gandhi ka janm kab hua tha तो यहाँ पर हमारे कुछ भाई अपने coptitor से मात खा जाते हैं, क्योंकि हम सभी जानते हैं की महात्मा गाँधी का जन्म 2 ऑक्टूबर को हुआ था जिसे हम लोग हर साल गाँधी जयंती के रूप में याद करते हैं।

इस दिन हमारे देश के बड़े बड़े राष्ट्रीय नेताओं से लेकर उच्च अधिकारी, स्कूल अध्यापक तक हम सभी महत्मा गाँधी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पण कर गाँधी जी को स्मरण करते हैं, लेकिन महत्मा गाँधी का जन्म किस वर्ष हुआ था इसके बारे में बहुत से लोग जानते हैं।

अगर आपको भी नहीं मालूम है की mahatma gandhi ka janm kab hua tha तो इस लेख को हो सके तो अंत तक जरूर पढ़ना क्योंकि इस लेख के माध्यम से हमने बहुत ही अच्छी तरीके से आप लोगों को mahatma gandhi ka janm kab hua tha से महत्मा गाँधी के आजादी में योगदान तक की एक Genvin Knowledge Provide करने की कोशिश की है।

mahatma gandhi ka janm kab hua tha

mahatma gandhi ka janm kab hua tha

महत्मा गाँधी का पूरा नाम मोहनदास कर्मचंद गाँधी
महत्मा गाँधी का जन्म कब हुआ 2 अक्तूबर 1869
महत्मा गाँधी की पत्नी का पूरा नाम कस्तूरबा बाई मकनजी
गाँधी जी के पिता का नाम कर्मचंद गाँधी
गाँधी जी की माता का नाम पुतलीबाई
महत्मा गाँधी की मृत्यु कब हुई 30 जनवरी 1948
mahtma gandhi ka janm kab hua tha

दोस्तों हम सबके आदर्श महापुरुष Mahatma Gandhi का पूरा नाम मोहनदास कर्मचंद गाँधी (Mohan Das Karmchand Gandhi ) है जिनका जन्म 2 October 1869 में गुजरात राज्य के पोरबंदर नामक स्थान पर हुआ था।

Mahatma Gandhi के पिता का नाम करमचंद गाँधी था जो की सनातन धर्म की पंसारी जाती से सम्बन्ध रखते थे और वह उस समय कई जगहों के दिवान मतलब प्रधान भी थे।

Mahatma Gandhi की माता का नाम पुतलीबाई था जो की इनके पिता की चौथी पत्नी थी यह भक्ति साधना में विश्वास रखने वाली एक धार्मिक महिला थीं।

इनकी माता पुतलीबाई का अहम प्रभाव महत्मा गाँधी के जीवन पर पड़ा जिसके चलते वह शाकाहारी जीवन एवं सत्य अहिंसा के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित हुए। 

महात्मा गाँधी की शादी कब हुई थी

पुराने समय में बाल्य विवाह अक्क्सर हुआ करते थे इसके चलते महात्मा गाँधी का विवाह लगभग 13 से 14 वर्ष की उम्र में उनके पिता द्वारा तय किया गया सन 1883 में महज 14 वर्ष की कस्तूरबा गाँधी से कर दिया गया।

कस्तूरबा गाँधी का पूरा नाम कस्तूरबा बाई मकनजी था लेकिन गाँधी जी ने इस नाम को छोटा करके सिर्फ कस्तूरबा कर दिया जो बाद में चल कस्तूरबा गाँधी हो गया।

महात्मा गांधी के बच्चे का नाम

जैसा की आपको मालूम है की गाँधी जी का विवाह कस्तूरबा गाँधी के साथ बेहद कम उम्र में हो गया था महात्मा गाँधी और कस्तूरबा गाँधी के केवल चार पुत्र ही थे.

जिनके नाम कुछ इस प्रकार से हैं।

  • Harilal Gandhi इनका जन्म 1888 में हुआ था।
  • Manilal Gandhi इनका जन्म 1892 में हुआ था।
  • Ramdas Gandhi इनका जन्म 1897 में हुआ था।
  • Devdas Gandhi -इनका जन्म 1900 में हुआ था।

महत्मा गाँधी का आजादी में योगदान

वैसे तो भारत की आजादी में हमारे बहुत से महापुरषों और स्वतंत्रता सेनानियों का बहुत बड़ा योगदान रहा है, लेकिन यहाँ आज हम महत्मा गाँधी द्वारा किये गए कुछ महत्वपूर्ण कार्यों के बारे चर्चा करने वाले हैं।

  • चम्पारण का आंदोलन

यह भारत में गाँधी जी द्वारा किया गया सबसे पहला आंदोलन था इस आंदोलन को गाँधी जी के नेतृत्व में 19 अप्रैल 1917 को नील की खेती के विरुद्ध बिहार के चम्पारण जिले में आरम्भ किया गया था जिसे चम्पारण सत्याग्रह के नाम से भी जाना जाता है।

  • खेड़ा का आंदोलन

चम्पारण के बाद गाँधी जी ने सन 1918 में गुजरात के खेड़ा जिले में किसानों की समस्यायों को लेकर यह आंदोलन आरंभ किया था यह सत्याग्रह अंग्रेजों द्वारा बढ़ाये गए कर यानि Tax के विरुद्ध था।

  • असहयोग आंदोलन -1920

इस आंदोलन को 1 अगस्त 1920 में महात्मा गाँधी ने अंग्रेजो की बढ़ती ज्यादतियों के विरुद्ध आरम्भ किया था इस आंदोलन के चलते लोगों ने अपने कार्यों पर जाना बंद कर दिया था।

  • भारत छोडो आंदोलन

गाँधी जी द्वारा यह आंदोलन सन 1942 में किया गया था इसी आंदोलन में महात्मा गाँधी ने करो या मारो का दिया था जिसके चलते भारत की जनता और भी अंग्रेजो के खिलाफ आक्रोशित हो उठी थी।

  • सविनय अवज्ञा आंदोलन -1930

इस आंदोलन को नमक आंदोलन भी कहा जाता है इसके आलावा इसे दांडी सत्याग्रह के रूप में भी जाना जाता है इस आंदोलन का मुख्य उदेश्य अंग्रजों द्वारा नमक पर लगाए गए कर को हटवाना था इस आंदोलन के चलते महात्मा गाँधी 24 दिनों तक औसतन 14 से 16 किलोमीटर पैदल चलते थे।

इन सब आंदोलन और सत्याग्रहों के अलावा महात्मा गाँधी ने तमाम ऐसे कार्यों को अंजाम दिया है जिन्होंने कहीं न कहीं भारत को आजादी दिलाने में अपनी अहम भूमिका निभाई है।

महात्मा गाँधी की फोटो (mahatma gandhi photo):

दोस्तों आप सब mahatma gandhi ka janm kab hua tha इसके बारे में तो जान ही चुके होंगे चलिए अब हम आपको कुछ mahatma gandhi photo महात्मा गाँधी की फोटोज प्रोवाइड करते हैं जिन्हे आप देख सकते हैं उन्हें डाऊनलोड कर सकते हैं।

महात्मा गाँधी की बेटी का क्या नाम है।

वैसे तो महात्मा गाँधी की कोई अपनी बेटी नहीं थी उनके सिर्फ चार पुत्र ही थे लेकिन कुछ तथ्यों से पता चलता है की महत्मा गाँधी ने एक लड़की को गोद लिया था और इस गोद ली हुई लड़की का नाम लक्ष्मी था जो की दुदाभाई और दानिबेन की पुत्री थी यह परिवार एक दलित परिवार था।

लक्ष्मी महात्मा गाँधी की गोद ली हुई पुत्री थीं महत्मा गाँधी ने लक्ष्मी के बचपन से लेकर विवाह तक की सारी जिम्मेदारियाँ निभाई महत्मा गाँधी ने लक्ष्मी का विवाह अपने ही आश्रम में रह रहे एक ब्राह्मण युवक से करा दिया था।

महात्मा गाँधी की मृत्यु कब हुई थी

Mahatma gandhi ka janm kab hua tha इसको तो आप अब भली भांति समझ चुके होंगेआइये अब जानते हैं महत्मा गाँधी की मृत्यु कब हुई थी दोस्तों हमेशा सत्य और अहिंशा के मार्ग पर चलने वाले भारत के इस महापुरुष की 30 जनवरी 1948 को नाथूराम गोडसे द्वारा तीन गोली मारकर हत्या कर दी गई।

जिसके चलते हमेशा सत्य और अहिंसा की राह पर चलने वाले महात्मा गाँधी उसी वक्त हम सबको हमेशा हमेशा के लिए छोड़कर चले गए।

टॉप 10 महात्मा गाँधी जी के अनमोल वचन

  • व्यक्ति अपने विचारों के सिवाय कुछ नहीं है. वह जो सोचता है, वह बन जाता है.
  • ताकत शारीरिक शक्ति से नहीं आती है. यह अदम्य इच्छाशक्ति से आती है.
  • आप जो करते हैं वह नगण्य होगा. लेकिन आपके लिए वह करना बहुत अहम है.
  • हम जो करते हैं और हम जो कर सकते हैं, इसके बीच का अंतर दुनिया की ज्यादातर समस्याओं के समाधान के लिए पर्याप्त होगा.
  • धैर्य का छोटा हिस्सा भी एक टन उपदेश से बेहतर है.
  • गौरव लक्ष्य पाने के लिए कोशिश करने में हैं, न कि लक्ष्य तक पहुंचने में.
  • कोई कायर प्यार नहीं कर सकता है; यह तो बहादुर की निशानी है.
  • बापू ने कहा कि स्वास्थ्य ही असली संपत्ति है, न कि सोना और चांदी
  • .कमजोर कभी क्षमाशील नहीं हो सकता है. क्षमाशीलता ताकतवर की निशानी है.
  • किसी देश की महानता और उसकी नैतिक उन्नति का अंदाजा हम वहां जानवरों के साथ होने वाले व्यवहार से लगा सकते हैं.

अक्क्सर पूंछे जाने वाले प्रश्न

Q.1 mahatma gandhi ka janm kab hua tha और कहाँ हुआ था ?

Ans: महात्मा गाँधी का जन्म 2 October 1869 में गुजरात राज्य के पोरबंदर नामक स्थान पर हुआ था।

Q.2 महात्मा गांधी के पिता का नाम क्या था?

Ans: करमचंद

Q.3 महात्मा गांधी के आध्यात्मिक गुरु कौन है?

Ans: महात्मा गांधी के राजचंद्र जी आध्यात्मिक गुरु थे।

Q.4 गांधी जयंती का मतलब क्या है?

Ans: हम सबके प्रिय बापू, राष्ट्रपिता आदि नामों से स्मरण किये जाने वाले मोहनदास कर्मचंद गाँधी अर्थात महात्मा गाँधी के जन्म दिवस को उनके चाहने वालों की ओर से भारत ही नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर भी गाँधी जयंती के रूप में मनाया जाता है।

Q.5 महात्मा की आत्मकथा का नाम क्या है?

Ans: महात्मा गांधी द्वारा गुजराती भाषा में लिखी ‘सत्य के प्रयोग‘ वह पुस्तक है, जिसे गाँधी जी की आत्मकथा का दर्जा हासिल है।

Q.6 कौन से कर को खत्म करने के लिए महात्मा गांधी ने दांडी यात्रा की?

Ans: अंग्रेजों द्वारा नमक पर लगाए गए कर को।

Q.7 नमक सत्याग्रह के सिलसिले में कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया?

Ans: Mahatma Gandhi सहित लगभग 60,000 लोगों को गिरफ़्तार किया गया था ।

Last Word

दोस्तों mahatma gandhi ka janm kab hua tha इस लेख के माध्यम से हमने महात्मा गाँधी के जीवन से जुड़े तमाम कार्यों की जानकारी आप तक पहुंचाने का प्रयास किया है। उम्मीद है की mahatma gandhi ka janm kab hua tha यह लेख पढ़कर आपने काफी कुछ महात्मा गाँधी के बारे में जाना समझा होगा

और हाँ अगर हमारे द्वारा लिखा गया यह आर्टिकल आपको अच्छा लगा हो तो इसे आप अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करे ताकि उन्हें भी महात्मा गाँधी के बारे में जानने का मौका मिल सके, इसके अलावा अगर आपके मन में अभी भी इसको लेकर कोई सवाल जवाब है।

तो उसे बेझिजक Comment Box में कमेंट करें हम आपके सवाल का बहुत जल्द ही जवाब देने की कोशिश करेंगे। अंत तक इस आर्टिकल को पढ़ने के लिए आपका दिल से धन्यवाद। ..

  • नोट- वैसे तो mahatma gandhi ka janm kab hua tha इस आर्टिकल को हमारी ओर से बहुत ही ध्यानपूर्वक लिखा गया है, लेकिन फिर भी इसमें कोई त्रुटि पाई जाती है, तो इस Blog की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी क्योंकि यहाँ किताबों और इंटरनेट से जानकारी जुटा कर सरल भाषा में आप तक पहुंचाने की कोशिश की जाती है।

उपयोगी हो सकते हैं:

Leave a Reply

Your email address will not be published.