लोहरी त्यौहार क्यों मनाया जाता है, lohri 2022 में कब है,जाने लोहरी से जुड़े कुछ रोजक जानकारी

Welcome my dear reader आपका स्वागत है आज की इस जानकारी पूर्ण लेख में friends आपने लोहरी त्यौहार (lohari) का नाम तो सुना ही होगा और शायद लोहरी के बारे में काफी कुछ जानते भी होंगे Well अगर आपको लोहरी के ऊपर कुछ सरल तरीके से जानकारी पानी है।

तो आपको हमारे द्वारा लोहरी त्यौहार (lohari festivel) पर लिखा गया यह आर्टिकल जरूर पढ़ना चाहिए क्योंकि इस आर्टिकल में हमने आपको लोहरी शब्द का अर्थ क्या होता है, लोहरी कब मनाया जाता है, लोहरी त्यौहार कैसे मनाया जाता है जैसे कुछ लोहरी से सम्बंधित topics की बड़ी simple और short way में जानकारी प्रदान की है।

वैसे शायद आपको मालूम होगा की लोहरी lohari festivel उत्तर भारत में पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और हिमाचल प्रदेश जैसे कई राज्यों में बड़ी धूम धाम, हर्षो उल्लास से प्रत्येक वर्ष मनाया जाने वाला एक त्यौहार है।

यूँ तो लोहरी का यह त्यौहार अपनी लोकप्रियता के चलते पुरे भारत से लेकर दुनिया भर में मनाये जाने वाले त्यौहार के रूप में जाना जाता है। तो आईये आपका ज्यादा समय न लेते हुए जानते है लोहरी त्यौहार की कुछ Amezing जानकारी

लोहरी
lohari meaning in hindi

लोहरी का अर्थ क्या है

लोहरी खासकर पंजाबियों का त्यौहार है यह उत्तर भारत के कई बड़े क्षेत्रों में मनाया जाता है विकिपीडिया के अनुसार लोहरी शब्द का अर्थ ल (लकड़ी) +ओह (गोहा = सूखे उपले) +ड़ी (रेवड़ी) से होता हैं।

लोहरी त्यौहार कब मनाया जाता है

यूँ तो हमारे भारत को त्यौहारों का देश कहा जाता है क्योंकि हमारे देश में हर दिन एक त्यौहार की तरह मनाया जाता है, हाँ वो अलग बात है की हमारे देश में अलग अलग राज्यों और समुदायों के अपने अपने कुछ भिन्न भिन्न त्यौहार भी हैं।

होली, दीवाली, ईद, बकरीद जैसे हमारे कुछ त्योहार विश्व प्रसिद्ध त्यौहार कहलाते है इन्हे हम भारतीय भारत में ही नहीं बल्कि कुछ विदेशों में भी बड़ी धूम धाम से मानते है इन्ही सब त्योहारों में से एक त्यौहार है, लोहरी का त्यौहार । ..

लोहरी प्रत्येक वर्ष मनाया जाने वाला पर्व है इसे हिंदी महीनो के अनुसार पौष माह के अंतिम दिन और मकर सक्रांति से ठीक पहली रात को मनाया जाता है यह सामान्यता Every year 12 या 13 january को पड़ता है।

लोहरी कैसे मनाया जाता है

दोस्तों लोहरी पंजाब प्रान्त का मुख्य त्यौहार है इसे पंजाबी और हरयाणवी लोगों द्वारा बड़े हर्षोउल्लास, नाज गान, ढोल नगाड़ों के साथ मनाया जाता है।

इस त्यौहार में शहर या गांव के किसी खुले स्थान पर लकड़ियों और गोबर के उपलों को इक्क्ठा कर उन्हें लोगों द्वारा अग्नि प्रदान कर जलाया जाता है।

इस जलती हुई अग्नि के चारों ओर घर और गांव के लोग अपना अपना आसान जमाते हैं तथा इसके चारों ओर परिक्रमा कर उसमे रेवड़ी या मक्के के दाने अर्पित करते हैं।

जिसके बाद वहां उपस्थित लोग एक दूसरे को इस पावन पर्व की बधाइयाँ देते हुए रेवड़ी आदि खाद्य सामग्री प्रसाद के रूप में भेंट करते हैं।

और घर लौटते टाइम इस अग्नि के ढेर से कुछ जली हुई सामग्री जैसे राख या लकड़ी के जले हुए कोयले के टुकड़ों को प्रसाद समझकर अपने साथ लेकर जाते हैं।

लोहरी क्यों मनाई जाती है

यूँ तो लोहरी का यह पावन पर्व अपने आप में बहुत खास होता है समाज में इसको मनाये जाने के पीछे कई लोक कथाएं व कहावतें प्रचलित हैं कहा जाता है की लोहरी त्यौहार पर जो आग जलाई जाती है।

 वह दक्ष प्रजापति की पुत्री सती के योगाग्नि-दहन की याद में जलाई जाती है इसके अलावा भी लोहरी को लेकर काफी मान्यताएं मौजूद हैं जो Punjab के अन्य त्योहारों से मेल रखती हैं।

और कुछ लोगों का मानना है की लोहरी के इस पावन पर्व को सर्द ऋतू के आने के घोतक के रूप में मनाया जाता है।

लोहरी त्यौहार से जुड़े प्रश्न उत्तर

Q.1 lohari २०२२ में किस दिन मनाई जाएगी।

Ans: 13 जनवरी 2022 को पुरे देश में लोहरी के इस पावन पर्व को बड़े धूमधाम मनाया जा रहा है।

Q.2 Lohari Festivel में किसकी पूजा की जाती है ?

Ans: लोहरी माता की

Q.3 भारत में किन जगहों पर लोहड़ी फेस्टिवल सेलिब्रेट किया जाता है ?

Ans: यूँ तो लोहरी का यह त्यौहार पुरे देश में मनाया जाता है लेकिन कुछ राज्य जैसे पंजाब, दिल्ली, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश प्रमुख हैं।

Q.4 लोहड़ी क्यों मनाया जाता है ?

Ans: वैसे तो इसको मनाये जाने को लेकर काफी मान्यताएं हैं लेकिन अधिकांश लोगों का मानना है की इसको नई फसल की शुरुआत के लिए मनाया जाता है।

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